शादी में अक्सर सबसे बड़ा एक खर्च वेन्यू का होता है। कीमत कैसे तय होती है, यह जानने से आप कोटेशन की सही तुलना कर पाते हैं और आखिरी बिल में कोई झटका नहीं लगता।

कीमत तय करने के दो आम तरीके

- तय किराया: आप कुछ घंटों के लिए जगह का किराया देते हैं और खाने का इंतज़ाम अलग से करते हैं। मंगल कार्यालयों और लॉन में यह आम है।
- प्रति प्लेट पैकेज: हर मेहमान की कीमत में वेन्यू और खाना दोनों शामिल होते हैं। बैंक्वेट और होटलों में यह आम है। आमतौर पर कम से कम प्लेट की गारंटी देनी होती है, इसलिए कम मेहमान आने पर भी उतना भुगतान करना पड़ता है।

दोनों की तुलना करने के लिए किराए में कैटरर का कोटेशन जोड़ें और मेहमानों की संख्या से भाग दें। उसके बाद ही प्रति प्लेट पैकेज से तुलना करें।

आसानी से छूट जाने वाले खर्च

- किराए और खाने पर टैक्स
- जनरेटर या पावर बैकअप चार्ज
- तय समय के बाद ओवरटाइम
- रिश्तेदारों के लिए अतिरिक्त कमरे
- सफाई और सिक्योरिटी डिपॉज़िट
- बाहर के डेकोरेटर, डीजे या फोटोग्राफर की एंट्री फीस
- आतिशबाजी या बारात एंट्री के अतिरिक्त चार्ज

उसी आकार की किसी हाल की शादी का सैंपल फाइनल बिल माँगें। ब्रोशर से कहीं बेहतर वह असली कुल खर्च दिखाता है।

बचत के तरीके

- हफ्ते के बीच का दिन या कम भीड़ वाला मुहूर्त चुनें; रेट अक्सर कम होते हैं।
- मांग बढ़ने से पहले, सीज़न की शुरुआत में बुक करें।
- दो फंक्शन, जैसे रस्में और रिसेप्शन, एक ही वेन्यू पर रखें और मिलाकर रेट माँगें।
- मेहमानों की लिस्ट व्यावहारिक रखें। हर अतिरिक्त प्लेट खर्च बढ़ाती है।
- सिर्फ किराया कम कराने के बजाय सुविधाएँ, जैसे मुफ्त कमरा या ज़्यादा समय, पर बात करें।

भुगतान की योजना बनाएँ

भुगतान का शेड्यूल तय करें: बुकिंग एडवांस, एक महीना पहले दूसरी किश्त और फंक्शन के बाद बाकी रकम। हर रसीद संभालकर रखें।

Wedding Events पर अपने बजट के वेरिफाइड वेन्यू की तुलना करें और हर एक से सभी चार्ज सहित लिखित कोटेशन माँगें।