सजावट के कोटेशन उलझाने वाले हो सकते हैं, क्योंकि हर डेकोरेटर चीज़ों को अलग तरह से पैकेज करता है। बजट का आसान बँटवारा और साफ़ कॉन्ट्रैक्ट आपको नियंत्रण में रखते हैं।

फंक्शन के हिसाब से बजट बाँटें

तय करें कि आपके लिए कौन-से फंक्शन सबसे ज़रूरी हैं और उन्हें बड़ा हिस्सा दें। आम तरीका है कि सबसे ज़्यादा खर्च शादी के मुख्य स्टेज और मंडप पर, फिर रिसेप्शन पर हो, और हल्दी-मेहंदी को सादा रखा जाए। कोटेशन माँगने से पहले हर एक के लिए मोटी रकम लिख लें।

पैसा कहाँ जाता है

- स्टेज और मंडप का ढाँचा, कपड़ा और फूल।
- एंट्री गेट और रास्ता।
- लाइटिंग: स्टेज लाइट, फेयरी लाइट, अपलाइटिंग और झूमर।
- बैठक के कवर और टेबल सजावट।
- फोटो कॉर्नर और सेल्फी पॉइंट।
- मज़दूरी, ट्रांसपोर्ट, सेटअप और हटाना।
- जनरेटर और इलेक्ट्रीशियन।

कॉन्ट्रैक्ट में क्या लिखा हो

- हर फंक्शन का डिज़ाइन, साथ में रेफरेंस तस्वीरें या 3D ड्रॉइंग।
- ताज़े फूलों का प्रकार और अनुमानित मात्रा।
- हर फंक्शन से पहले सेटअप पूरा होने का समय।
- पावर बैकअप और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी है।
- कुल कीमत, टैक्स और भुगतान का शेड्यूल।
- फंक्शन देर से होने या तारीख बदलने पर क्या होगा।

अचानक लगने वाले चार्ज से बचें

सीधे पूछें: "क्या आखिरी बिल में कुछ और जुड़ सकता है?" आम अतिरिक्त खर्च हैं रात में सेटअप का ओवरटाइम, अतिरिक्त लाइट, आखिरी समय में फूलों का बदलाव और वेन्यू की बिजली इस्तेमाल करने का चार्ज। इनके रेट लिखित में लें।

शादी के दिन

परिवार के एक सदस्य को ज़िम्मेदारी दें कि मेहमानों के आने से एक घंटा पहले सेटअप को तय डिज़ाइन से मिलाकर देखें, ताकि ज़रूरी बदलाव समय पर हो सकें।

Wedding Events पर वेरिफाइड डेकोरेटर्स से लिखित कोटेशन लें और इस चेकलिस्ट से उनकी तुलना करें।