हर परिवार की शादी अपने रीति-रिवाज से होती है, लेकिन कई हिंदू शादियों में रस्मों का एक जैसा क्रम होता है। हर रस्म का अर्थ जानने से जोड़े और मेहमानों के लिए विधि ज़्यादा सार्थक बनती है। आपकी परंपरा का सही क्रम पंडित जी बताएँगे।
शादी से पहले
- गणेश पूजा: शादी शुरू होने से पहले विघ्न दूर करने के लिए भगवान गणेश की पूजा।
- हल्दी: आशीर्वाद और निखार के लिए दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाना।
- देवक या कुलदेवता पूजा: कई महाराष्ट्रीयन परिवारों में शादी से पहले कुलदेवता की पूजा।
शादी की विधि
- दूल्हे का स्वागत: दुल्हन का परिवार दूल्हे और उसके परिवार का सम्मान से स्वागत करता है।
- अंतरपाट: महाराष्ट्रीयन शादियों में मंगलाष्टक गाते समय दूल्हा-दुल्हन के बीच कपड़ा पकड़ा जाता है, फिर उसे नीचे किया जाता है और वे एक-दूसरे को देखते हैं।
- वरमाला: जोड़ा एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करता है।
- कन्यादान: दुल्हन के माता-पिता आशीर्वाद के साथ बेटी का हाथ दूल्हे को सौंपते हैं।
- विवाह हवन: पवित्र अग्नि शादी की साक्षी बनती है।
- सप्तपदी: जोड़ा साथ में सात कदम चलता है, हर कदम आगे के जीवन का एक वचन होता है। कई परंपराओं में इसी से विवाह पूरा होता है।
- मंगलसूत्र और सिंदूर: दूल्हा मंगलसूत्र पहनाता है और सिंदूर लगाता है, जो कई समुदायों में विवाह के प्रतीक हैं।
विधि के बाद
- बड़ों का आशीर्वाद।
- विदाई: भावुक पल जब दुल्हन अपने नए परिवार के साथ जाती है।
- गृह प्रवेश: नए घर में दुल्हन का स्वागत।
सबको समझाएँ
आप मेहमानों के लिए मुख्य रस्मों को समझाने वाला छोटा कार्ड छपवा सकते हैं, या पंडित जी या एंकर से विधि के दौरान हर कदम संक्षेप में समझाने को कह सकते हैं।
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